सोमवार, 20 जून 2011

प्यास परिभाषा

प्यास परिभाषा
प्यास वो है जो द्वेश पैदा करे
नन्हे से जीवन में देश पैदा करे...."प्यास"

प्यास लिये जो प्यासे है
कैसी चला रहे सांसे है
चिनी, पानी घोल जता
स्वार्थ के फेंकते पांसे है..."प्यास"


समय के अनुरूप है
भविष्य सुंदर रूप है...."प्यास"

समय की सही समझ है
अनुकूल सभी, सुलझ है...."प्यास"

सोमवार, 3 जनवरी 2011

बीज को चाहिये तावीज, तब ही उगे है बीज

बीज को चाहिये तावीज, तब ही उगे है बीज
उग जाये, असल बीज है
न उगे , खुदा हाफिज है
बीज को जो ताड बनाये,
वही देता येसा ताविज है...."प्यास"

दुख हमेशा द्स्यु सा, परम सुख मृत्यु सा.
जिन्दगी निराशायें देते देते मृत्यु दे गई
समस्त निराशाको का अंत मृत्यु दे गई...."प्यास"


करले कबूल, बबूल
भूल फूल, चुनले सूल
करले मूल प्रीत कबुल...."प्यास"

बाग नशीले फूल दे, जंगल जीवन मूल दे
मना जगंल में, मगंल
बागो में भयंकर दंगल...."प्यास"


मुझे लगे वह खास सी दुनिया
किसी के मन में, आवास की दुनिया
किसी के प्रीत के आभास की दुनिया...."प्यास"

बुधवार, 27 अक्टूबर 2010

जय जय तेरी गुरू कबीरा/

जय जय तेरी गुरू कबीरा/
अमृत तेरा जरा सा जीरा//...."प्यास"

समझो, समझाओ
जान रख न रह सका जानदार/
जानबुझ कर जान रखे उधार//...."प्यास"


समझो तो समझानाजो...

नजरो में नजर आये...
क्या सच में नजर आये....
हकिकत में ख्वाब व...
ख्वाब में हकिकत...
क्यो कर न नजर आये...."प्यास"

वही वही सही सही

मालिक का ही मकान है..
जन जन उसी की जान है...."प्यास"

प्यास की पहचान, हर प्यासा ले जान....

नग्न आओ तो हो नाच नग्न....
न ही तो नाचे अंग अंग अग्न....."प्यास"...

मुशकिल है ना पहचान....

सच में सरलता...
झूठ झंझट लता....."प्यास"....

मचल से बच, जीयेगा सच सच....

जो इख्तियार में है, उसी की खोज होनी चाहिये....
रूह को तकलीफ नहीं, तसल्ली रोज होनी चाहिये......"प्यास"....

बला का बेवफाई का बल है, हर बला में...

जो कर गये इश्क, एक खुबसुरत बला से....
कह गयी जहन्नम में जाओ मेरी बला से....."प्यास"....

अब की बला, बला की बलाये ले है....
अमरबेल की सारी सारी कलाये ले है....."प्यास"...

बला का बलम है...
जो मेरी कलम है....."प्यास"...

बला, बला की बलबान....,
तो हम उसकी बलम जान......

बला में बला की बेकरा्री है, बला का बल ले....
मेरी बला से, बला वह आज ले या कल ले....."प्यास"...

शनिवार, 28 अगस्त 2010

खासा खरा खयाल...

खासा खरा खयाल...
ब्रह्माण्ड में भटके
घर में बडे अटके...."प्यास"

Khasa, khara, khayaal
Brhmand me bhatake
Ghar me bade atake..."Pyas"
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परम प्यारा पैगाम
मृत्यु का मान करो
दुखो को अंजान करो...."प्यास"

Param Pyara Paigaam
Mrutyu ka maan karo
Dukho ko anjaan karo
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सहज सुदंर सत्य
जीवन छोड कर जिये
जीवन भर भर जिये....."प्यास"

Sahaj Sunder Saty
Jivan chhod ker jiye
Jivan bhar bhar jiye

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इश्क से जो बेखबर है
उसकी कभी न खैर है...."प्यास"

Ishk se jo bekhabar hai
Uski kabhi na khair hai
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वो आये जो मेरे आगन
झुम उठा जीवन गगन
मन प्रीत गीत रच रच
गीत गुनगुनाये गुन गुन
बिखर इधर उधर, लगाये
प्रीत की अनन्त अगन...."प्यास"

Wo aaye jo mere aangan
Jhoom utha jivan gagan
Man preet geet rach rach
Geet gungunaye gun gun
Bekhar idher udher, lagaye
Preet ki anant agan......."Pyas"
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लुटाया सो ही पाईया
संजोया सो गवायीया...."प्यास"

Lutaya so hi paaiya
Sanjoya so gwayiya..."Pyas"
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अपार मायावी ब्रह्माण्ड के घट हो
क्यो करते, पृथ्वी उलट पुलट हो

विषय प्यास का विष बडा व्यापक
क्यो सुदंर घर के लिये मरघट हो...."प्यास"

Apaar mayawi brhmand ke ghat ho
Kyo karte, pruthwi ulat pulat ho

Vishay pyas ka vish bada vyapak
Kyo sunder ghar ke liye marghat ho
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मेरी जिन्दगी दुआओ के गहनो से गहन है
मेरे आसपास जो मेरी प्यारी न्यारी बहन है...."प्यास"

Meri jindagi duaao ke gahano se gahan hai
Mere aaspaas jo meri pyari nyari bahan hai
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यादों से याराना है
यार का नजराना है....."प्यास"

Yadon se yaraanaa hai
Yaar ka najaraana hai
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अरविन्द व्यास "प्यास"

शुक्रवार, 20 अगस्त 2010

सरल सहज संभव सत्य...

जिन्दगी दुसरो के लिये क्यो तरसे..
खुद पर ही, घनघोर क्यो न बरसे..."प्यास"

पल पालता है और पल ढालता है
पल का पलायन, पल उबालता है ..."प्यास"

सुलझे भी बडे उलझे
ज्ञान ज्योत जो बुझे...."प्यास"

मैं बहुत हुआ कठीन था
जो वह क्षीण क्षीण था...."प्यास"

बुद्धी बडी ही बहतर होती
जो तबीयत बदतर होती...."प्यास"

कुछ समझने का गुण सिखाते
बीज से पहले कुछ पेड उगाते....."प्यास"

शनिवार, 14 अगस्त 2010

जय हिंद ...कुछ सुझाव

८वा परम सुझाव
पिता पालक साथ सही गुरु हो
पुत्र हमैशा शिष्य सा रुबरू हो....."प्यास"

७वा परम सुझाव
बुढापा हमैसा आदरणिय हो
हर सुझाव हो, हर निर्णय हो...."प्यास"

६ वा परम सुझाव
हर कोई हमैसा शिष्य रहे
देश का सुदंर भवि्ष्य रहे...."प्यास"

पांचवा परम सुझाव
नारी देवी हो, नारी न दबी दबी हो
ममता हो तो देश की महान छबी हो....."प्यास"

एक और परम सुझाव
घर के साथ साथ पडोस की सफाई रहे
बेडागर्क होने को कभी न कोई खाई रहे....."प्यास"

एक परम सुझाव...जय हिन्द
हर जो स्वयम का आलोचक हो
देश की हर स्तिथी चकाचक हो....."प्यास"

देश को सहज महान करे हम,,,देश वासीयो को जान करे हम...

सबका बढने का एक ही तरीका है
दुसरो को बढाना, सही सलीका है....."प्यास"
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पहले बने महान हम
जी फिर, बोले वंदेमातरम

सब सही सही करे हम
बस सच सच बोले हम
जी फिर, बोले वंदेमातरम

एक दूजे का मान करे हम
सब को प्रीत प्रदान करे हम
जी फिर, बोले वंदेमातरम

आबादी बढत रोके हम
बेरोजगार न रहे हम
जी फिर, बोले वंदेमातरम

भूख, गरीबी भगाए हम
गंदगी बस मिटाएँ हम
जी फिर, बोले वंदेमातरम

कुछ ऐसा काम करे हम
देश को महान करे हम
जी फिर, बोले वंदेमातरम

महमानो को लुभाये हम
विषय "प्यास" न रखे हम
जी फिर, बोले वंदेमातरम

HAPPY INDEPENDENCE DAY

पहले बने महान हम
जी फिर, बोले वंदेमातरम

सब सही सही करे हम
बस सच सच बोले हम
जी फिर, बोले वंदेमातरम

एक दूजे का मान करे हम
सब को प्रीत प्रदान करे हम
जी फिर, बोले वंदेमातरम

आबादी बढत रोके हम
बेरोजगार न रहे हम
जी फिर, बोले वंदेमातरम

भूख, गरीबी भगाए हम
गंदगी बस मिटाएँ हम
जी फिर, बोले वंदेमातरम

कुछ ऐसा काम करे हम
देश को महान करे हम
जी फिर, बोले वंदेमातरम

महमानो को लुभाये हम
विषय "प्यास" न रखे हम
जी फिर, बोले वंदेमातरम